आडवाणी को दो ह3ते की मोहलत, आरएसएस ने कहा, अयोध्या विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान हो


आडवाणी को दो ह3ते की मोहलत, आरएसएस ने कहा, अयोध्या विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान हो

लिब्राहन आयोग में सुनवाई, अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने के मामले की जांच कर रहे लिब्राहन आयोग ने पूर्व गृहमंत्री व लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी को अपना आखिरी लिखित बयान जमा कराने के लिए दो ह3ते का समय दिया है। इस बीच, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने लिब्राहन आयोग से कहा कि वह हमेशा से अयोध्या विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है। अयोध्या विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान से युवाओं में देश को मजबूत राष्ट्र बनाने में नई श1ित का संचार होगा।अन्य आरोपियों द्वारा लिखित बयान जमा कराने के लिए और समय मांगे जाने के कारण आयोग ने सुनवाई १८ जून तक के लिए स्थगित कर दी। साथ ही आयोग ने मुसलिम पर्सनल बोर्ड के वकील बहार-ए-बर्की के उस अनुरोध को भी मान लिया जिसमें उन्होंने सभी पक्षों द्वारा लिखित बयान जमा कराने के बाद अगर जरूरत पड़ी तो दोबारा बयान जमा कराने का मौका दिए जाने की बात कही थी।

इससे पूर्व बृहस्पतिवार को आडवाणी के वकील एस.पी.जैन ने लिब्रहान आयोग से और समय देने की प्रार्थना की। जैन १७ जून या उससे पहले आयोग के सामने अपना लिखित बयान जमा कराएंगे। आडवाणी पहले ही आयोग के सामने पेश हो चुके हैं।

इस मामले के एक अन्य आरोपी पूर्व मु2यमंत्री कल्याण सिंह जिन पर उ8ार प्रदेश सरकार ने घटना की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है, को भी अंतिम लिखित बयान १७ जून तक जमा कराने के लिए कहा गया है।

बुधवार को उ8ार प्रदेश सरकार के महाधिव1ता वीरेंद्र भाटिया ने कल्याण सिंह, भाजपा व विहिप के नेताओं पर बाबरी विध्वंस की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था।

उधर, संघ ने लिब्राहन आयोग के सामने अपने अंतिम लिखित बयान में कहा कि अयोध्या मामले के सौहार्दपूर्ण समाधान से देश के युवाओं में नई श1ित का संचार होगा जिससे भारत मजबूत राष्ट्र बनके उभरेगा। न्यायमूर्ति पी.के. बाहरी ट्रि4यूनल का हवाला देते हुए संघ ने कहा कि उनके देशभ1त और राष्ट्रवादी संगठन पर इस तरह का आरोप लगाना अनुचित है। संध कभी भी समुदायों के बीच किसी प्रकार के टकराव के पक्ष में नहीं रहा है। न्यायमूर्ति बाहरी ट्रि4यूनल ने बाबरी विध्वंस मामले में संघ को आरोप मु1त कर दिया था।

बृहस्पतिवार को संघ के वकील राजेश के. गोगना ने लिखित बयान पेश करते हुए कहा कि बाबरी विध्वंस के बाद केंद्र सरकार ने ही न्यायमूर्ति बाहरी ट्रि4यूनल का गठन किया था। लेकिन इस ट्रि4यूनल को जांच में कोई ऐसा सबूत नहीं मिला जिससे संघ के इस घटना में शामिल होने का संदेह भी पैदा हो। संघ प्रमुख के. एस. सुदर्शन २० दिसंबर २००० को आयोग के सामने पेश हुए थे। उन्होंने आयोग से कहा था कि केंद्र सरकार इस विवादास्पद मुद्दे पर लोगों की भावनाओं को नहीं समझ सकी थी। सुदर्शन ने कहा कि भाजपा व संघ के नेताओं द्वारा रोके जाने के बावजूद कारसेवक विवादित ढांचे को गिराने से अपने को रोक नहीं सके।

प्रियंका उप्र में राजनीतिक भूमिका को तैयार

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी ने कहा कि वह उ8ार प्रदेश में कोई भी राजनीतिक भूमिका निभाने को तैयार हैं। अपने भाई राहुल गांधी को संसद सदस्य के रूप में शपथ लेते देखने के बाद संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा कि इंतजार कीजिए , अगर उ8ार प्रदेश की राजनीति में मेरे लायक कोई भूमिका होगी तो मै उसे निभाने को तैयार हूं।प्रियंका गांधी ने अपने पति रॅाबर्ट वाड्रा के साथ लोकसभा की गैलरी में बैठकर एक घंटे तक संसद की कार्यवाही और अपने भाई राहुल को शपथ लेते देखा। एक पत्रकार द्वारा यह पूछे जाने पर कि आप संसद में कब आएंगी इस पर प्रियंका ने कहा कि अभी भी तो मै संसद में ही हूं। भाई को शपथ लेते देख कैसा महसूस हो रहा था, इस सवाल के जवाब में प्रियंका ने कहा कि यह हम लोगों के लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि पहले भी मैने अपने पिता, मां को शपथ लेते देखा है। राहुल के बारे में प्रियंका ने कहा कि वे एक जि6मेदार सांसद साबित होंगे। राहुल गांधी के शपथ लेते समय उनकी मां सोनिया गांधी भी सदन में मौजूद थी। राहुल ने हिंदी में शपथ ली।

अब अनुवाद में अटकी खन्ना दुर्घटना की रिपोर्ट

जब गठन हुआ तो खन्ना रेल दुर्घटना के जांच आयोग को चार माह का समय दिया गया था। पांच साल बीत गए, कुल २४२ गवाहों के बयान दर्ज हुए और अब जाकर रिपोर्ट तैयार हुई है। पर फिर एक अड़ंगा लग गया है। वह है रिपोर्ट के हिंदी अनुवाद का। अनुवाद के कारण रिपोर्ट देनेे में अभी और समय लगने की संभावना है।उल्लेखनीय है कि पंजाब के खन्ना के पास चावा पैल में २६ नवंबर १९९८ को फ्रंटियर मेल और ज6मू तवी-सियालदाह ए1सप्रेस में सीधी ट1कर हो गई थी और इसमें २१० लोगों की मृत्यु हो गयी थी। इसके बाद रेल मंत्रालय ने जांच आयोग का गठन किया था। अभी तक आयोग ने ५०० पेजों की रिपोर्ट तैयार कर ली है। इससे पहले आयोग ने २४२ गवाहों को सुना। साथ ही रेलवे का पक्ष भी सुना। अब जब रिपोर्ट जमा करवाने लायक बन गई है तो तो रेलवे के एक नए आदेश ने आयोग का काम बढ़ा दिया। रेलवे ने आदेश दिया है कि आयोग पूरी रिपोर्ट का एक हिंदी अनुवाद भी दे।

इस आदेश के बाद पिछले तीन महीने से आयोग के कर्मचारी रिपोर्ट का हिंदी अनुवाद तैयार करने में जुटे हैं। इसमें दि1कत यह है कि आयोग के दो-तीन कर्मचारियों को ही माथा-पच्ची करनी पड़ रही है 1योंकि अगर बाहर के अनुवादक लाए जाएंगे तो रिपोर्ट लीक होने की आशंका है। हालांकि रेलवे ने अनुवादक के लिए पैसे भी ग्र्रांट कर दिए हैं।

‘महीने भर में जमा हो सकती है रिपोर्ट’

चंडीगढ़। खन्ना रेल दुर्घटना आयोग के चेयरमैन जस्टिस (रिटायर्ड) जीसी गर्ग ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि रिपोर्ट तो उन्होंने पांच महीने से तैयार कर रखी है। उन्होंने माना कि हिंदी की शर्त के कारण रिपोर्ट जमा नहीं हो पाई है। अब रिपोर्ट का हिंदी अनुवाद भी तैयार किया जा रहा है और उ6मीद है कि एक महीने के अंदर ही रिपोर्ट जमा हो जाएगी। गर्ग ने बताया कि रिपोर्ट की कई प्रतिलिपि प्रिंट होंगी, इसलिए इसमें समय लग सकता है।

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