एयरपोर्ट में विदेशी निवेश ४९ फीसदी से ज्यादा नहीं


मुंबई और दिल्ली हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण के संबंध में राजग सरकार के फैसले को पलटते हुए यूपीए सरकार ने अपनी नीति घोषित कर दी है। नई सरकार इसमें प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश (एफडीआई) चाहती है लेकिन पूंजी और विशिष्ट तकनीक हासिल करने के लिए इसकी सीमा ४९ फीसदी से ज्यादा नहीं होगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इन दोनों एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण में योगदान की इच्छुक पार्टियों के लिए आवेदन की समय सीमा ४ जून से बढ़ाकर २० जुलाई कर दी है।उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती राजग सरकार ने गत वर्ष ११ सितंबर को दिल्ली और मुंबई के हवाई अड्डों के निजीकरण को हरी झंडी देते हुए ७४ फीसदी एफडीआई को मंजूरी दी थी। इस फैसले को बदलते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने बुधवार को बताया कि दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों के लिए एफडीआई ७४ फीसदी से कम करके इसे केवल ४९ फीसदी ही तय किया गया है। ताकि कुल ५१ प्रतिशत हिस्सा भारतीयों के हाथ रहे। हवाई अड्डों के निजीकरण पर वामदलों की चिंताओं के कारण लिए गए आज के इस फैसले केबाद पटेल ने बताया कि इन दोनों हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण व पुनर्गठन के लिए विशेष व्यवस्था के तहत भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) की सहभागिता २६ प्रतिशत रखी जाएगी। आज हुए फैसले के मुताबिक घरेलू प्रमोटरों, बैंकों और वि8ाीय संस्थाओं के लिए निवेश की सीमा २५ प्रतिशत रखी गई है।

पटेल का कहना था कि एएआई की हिस्सेदारी से छेड़छाड़ नहीं की गई है और यह पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार ही है। भारतीय निवेशकों के हित और हवाई अड्डा प्रबंधन पर एएआई की मजबूत पकड़ बनाए रखने के लिए भी यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि घरेलू वि8ाीय संस्थाएं, बैंक और प्रमोटर ७४ प्रतिशत तक निवेश कर सकते हैं बशर्ते विदेशी तकनीकी सहयोग के उपबंध का वे पालन करें।

यह पूछे जाने पर कि 1या रिलायंस के मुकेश अंबानी और भारती के सुनील मि8ाल हाल में इसी सिलसिले में उनसे मिले थे, पटेल ने कहा कि बातचीत में यह मुद्दा नहीं उठाया गया था। पटेल ने कहा कि कार्यरत कर्मचारियों पर निजीकरण से फर्क नहीं पड़ेगा।

एयर इंडिया की सस्ती विमान सेवा ‘एयर इंडिया ए1सप्रेस’ परियोजना के बारे में उन्होंने बताया कि इसमेें चौदह ७३७-८०० बोइंग विमान शामिल किए जाएंगे और मध्य पूर्व और दक्षिण पूर्व के लिए यह सेवा अगले वर्ष अप्रैल से शुरू हो जाएगी। पटेल ने बताया कि अलायंस एयर के बेड़े को सुदृढ़ बनाने के लिए अ1टूबर २००४ और जनवरी २००५ के बीच ११ एयरबस ए-३१९ लीज पर लिए जाएंगे।

होटलों को किराये न बढ़ाने की चेतावनी

केंद्र सरकार ने अगस्त से शुरू हो रहे पर्यटन सत्र के मद्देनजर होटलों को चेतावनी दी है कि वे पहले से तय दर के अनुसार ही सेवा उपल4ध कराएं। किराये न बढ़ाने की चेतावनी देते हुए केंद्रीय पर्यटन मंत्री रेणुका चौधरी ने कहा कि उन्हें पूरे विश्व से शिकायतें मिली हैं, जिनमें किराये में वृद्धि की आशंका जताई गई है। चौधरी ने कहा कि सरकार किराया तय करने के विवाद में नहीं पडऩा चाहती, पर होटल मालिकों को पर्यटकों से लूट खसोट नहीं करने दी जाएगी।गौरतलब है कि भारतीय टूर ऑपरेटरर्स संघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल ने भी कहा है कि उन्हें भी शिकायतें मिली हैं और वह होटल मालिकों से इसे रोकने के लिए बात करेंगे। चौधरी ने कहा कि भारत में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए हमें इसकी बेहतर तस्वीर पेश करनी चाहिए।

इसरो छोड़ेगा यूरोप का उपग्रह अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग के अवसर तलाशे जाएंगे

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने यूरोपीय संघ के लिए एक उपग्रह लांच करने का एक करोड़ अमेरिकी डॉलर का ठेका हासिल किया है। इसरो के अध्यक्ष जी.माधवन नायर ने शनिवार को पत्रकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संगठन की राष्ट्रीय कवरेज के तहत शैक्षिणिक संस्थानों को आपस में जोडऩे के मिशन के लिए अगस्त में एडुसेट लांच करने की योजना है। अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग के अवसर तलाशने के उद्देश्य से अमेरिका और भारत के शीर्ष विज्ञानियों और कार्यकारी अधिकारियों का इस महीने २१-२५ जून को स6मेलन होने जा रहा है।नायर ने कहाकि हम पुरानी प्रक्रिया शुरू करने जा रहे हैं। मूलरूप से हमारी योजना सहयोग के अवसर तलाशने और भविष्य के लिए सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करने की है। उन्होंने बताया कि २१ से २५ जून के बीच यहां अंतरिक्ष विज्ञान और वाणिज्य पर आयोजित किए जाने वाले भारत-अमेरिका स6मेलन का उद्देश्य आपसी सहयोग को मजबूती प्रदान करना और विस्तार करना है। नासा, एनओएए, अमेरिकी उद्योगों, शैक्षिणिक संस्थानों, अमेरिकी विदेश विभाग के साथ भारत के भी वरिष्ठ वैज्ञानिक और कार्यकारी अधिकारी इस स6मलेन में शामिल होन जा रहे हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहाकि इसरो को इसके प्रस्तावित चंद्रमा मिशन में भागीदारी के लिए विदेशों से ३० प्रस्ताव मिले हैं। नायर ने कहाकि इसरो को यूरोपीय संघ के लिए सैटेलाइट लांच करने के लिए एक करोड़ अमेरिकी डॉलर का ठेका मिला है। इस संबंध में एक समझौते पर पहले ही हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष के अंत में भारत के पोलर सैटेलाइट लांच वैहिकल (पीएसएलवी) के जरिए अंतरिक्ष यान छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहाकि यह पहला मौका है जब विदेशी सैटेलाइट के लिए पीएसएलवी का इस्तामाल किया जा रहा है। यूरोपीय संघ का यह सैटेलाइट इटली की एक कंपनी तैयार कर रही है।

नायर ने बताया कि संगठन की राष्ट्रीय कवरेज के तहत शैक्षिणिक संस्थानों को आपस में जोडऩे के मिशन के लिए अगस्त में एडुसेट लांच करने की योजना है। उन्होंने कहाकि सैटेलाइट छोडऩे की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। काम शुरू करने के बाद सैटेलाइट के जरिए पेशेवर कॉलेजों, प्राथमिक और उच्च विद्यालयों को आपस में जोड़ा जा सकेगा।
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