व्यवहारिक ज्योतिष पाठ्यक्रम

 (ख) व्यवहारिक ज्योतिष पाठ्यक्रम

कक्षा 08वीं 

1. ज्योतिषशास्त्र का संक्षिप्त स्वरूप।

2. काल परिचय

3. पंचांग परिचय - तिथिवार, नक्षत्र, योग, करण, दिन, पक्ष, मास, ऋतु अयन गोल, वर्ष विक्रम संवत्, शक, ईस्वी, कलि, हिजरी, कोलम्ब संवत्।

4. कल्प मन्वन्तर व चर्तुर्युग परिचय:-

नोट:- (विविध ग्रन्थों से श्लोकों के द्वारा इन विषयों का शास्त्रीय ज्ञान)

कक्षा 09वीं 

1. संवत्सरों के नाम

2. राषि अंष कला विफला का ज्ञान

3. राषि परिचय:- संज्ञा, स्वरूप, वर्ण, वस्त्र, देवता, स्थान, प्रत्यधिदेवता, रत्न, रंग, धातु, चरादि संज्ञाए।

4. ग्रह परिचय:- संज्ञा स्वरूप वर्ण, वस्त्र, देवता, स्थान, प्रत्यधिदेवता, रत्न, उपरान्त रंग घातु ग्रहों की ग्रह उच्च नीच मूलक त्रिकोण राषियाॅ ग्रहों की विविध संज्ञाऐं।

ग्रहों की दषा, अन्तर दषा, वर्ष, ग्रहों के यन्त्र, औषधि एवं अन्य पदार्थ।

दैनिक गति (भगन काल) परिक्रमण काल, ग्रहों की दृष्टि, ग्रह मैत्री।

नोट - विविध ग्रन्थों से श्लोकों के द्वारा इन विषयों का शास्त्रीयज्ञान

कक्षा 10वीं 

1. नक्षत्र परिचय - संज्ञा स्वरूप, वर्ण, वस्त्र, देवता, स्थान, प्रत्यधिदेवता, रत्न, रंग, धातु मिश्र उग्र आदि।

2. मुर्हुत परिचय - दैनिक मुर्हुत, यात्रा मुर्हुत, संक्रान्ति, ग्रहण, पंचक, हेालाष्टक, गुरूशुक्रास्त।

3. भावपरिचय

4. लघुपाराषरीय

नोट - विविध ग्रन्थों से श्लोकों के द्वारा इन विषयों का शास्त्रीयज्ञान

कक्षा 11वीं 

1. कुंडलीनिर्माण - पष्ट ग्रह लग्न साधन विंषोत्तरी दषा साधन।

2. षेाडष संस्कार मुर्हुत

3. गुणमिलान

कक्षा 12वीं 

1. ज्योतिषशास्त्र की परम्परा

2. षट्पंचाषिका

3. वेधषाला परिचय

4. आकाश दर्षन, एजुकेषन टूर, वेधषालाओं (जयपुर, उज्जैन, हरिद्वार) की यात्रा, पाठ्यक्रम संचालन योजना।

नोट - विविध ग्रन्थों से श्लोकों के द्वारा इन विषयों का शास्त्रीयज्ञान

(ग) प्रायोगिक/व्यवहारिक वास्तुशास्त्रीय पाठ्यक्रम

कक्षा 08वीं 

1. वास्तुषास्त्र का संक्षिप्त स्वरूप

2. वास्तुषास्त्र का प्रयोजन

3. वास्तुषास्त्र के प्रकार

4. भूमिप्रकार (ढलान, शुभ, अषुभ)

5. भूमिचयन के विविध प्रकार

6. भूखण्ड वेध

7. प्राच्य-अर्वाचीन मापन पद्धति

8. लीलावती आदितः घनमूलपर्यन्तम्

9. दिषा का ज्ञान

नोट - विविध ग्रन्थों से श्लोकों के द्वारा इन विषयों का शास्त्रीय ज्ञान

कक्षा 09वीं 

1. वास्तु पुरूष की उत्पत्ति

2. आयादि विचार

3. शल्य ज्ञान विचार

4. दिषाओं के देवता

5. चतुष्षष्टि वास्तु मण्डल

6. वास्तु के विविध मुर्हुत, लग्नषुद्धि आदि

7. लीलावती श्रेठी व्यवहार पर्यन्तम्

8. रेखागणितम् (प्रथम अध्यायः)

नोट - विविध ग्रन्थों से श्लोकों के द्वारा इन विषयों का शास्त्रीय ज्ञान

कक्षा 10वीं आवासीय वास्तु विचार

1. भवन में शालाओं की संख्या

2. शाला प्रकार

3. खिडकियाॅ व द्वारों प्रकार व संख्या

4. भवन वेध

5. विविध कक्षों की दिषा

6. जल निकासी व संचयन व्यवस्था

7. शौच आदि की व्यवस्था

8. लीलावती भिन्न परिकर्माष्टक व क्षेत्र व्यवहार

9. रेखा गणितम् (द्वितीय अध्याय)

नोट - विविध ग्रन्थों से श्लोकों के द्वारा इन विषयों का शास्त्रीय ज्ञान

कक्षा 11वीं

1. भवन व शाला का माप

2. द्वार निर्णय

3. द्वारवेध

4. ग्रहपयोगी काष्ठ

5. शुभाषुभ वनस्पतियाॅ

6. बलिकर्म व शान्ति विधान

7. एकाषीति वास्तुपद मण्डल

8. भवनो के प्रकार

9. गृहवेध

10. लीलावती छाया व्यवहार

11. रेख गणितम् तृतीय अध्याय

नोट - विविध ग्रन्थों से श्लोकों के द्वारा इन विषयों का शास्त्रीय ज्ञान

कक्षा 12वीं 

1. मन्दिर वास्तु का संक्षिप्त ज्ञान

2. प्रासाद वास्तु का संक्षिप्त परिचय

3. प्रमुख देवताओं की मूर्तियों का स्वरूप

4. रेखागणितम् (चतुर्थ अध्याय)

5. भतपद वास्तु चक्र

6. गृह सज्जा के उपकरणों का सामान्य परिचय

7. वास्तु में वर्णो का महत्व

8. वास्तु शास्त्रीय परम्परा

 सन्दर्भ ग्रन्थ - वृहदवास्तुमाला, वास्तुरलावली, वास्तुसौख्यम्, विष्वकर्मप्रकाष

 एजुकेषन टूर - विविध मन्दिरों, महलों, इमारतों का भ्रमण

नोट - विविध ग्रन्थों से श्लोकों के द्वारा इन विषयों का शास्त्रीय ज्ञान

बिन्दु क्रमांक - 14 एस.यू.पी.डब्ल्यू/कला षिक्षा

(क) उद्देष्य -

 समाज सेवा के साथ रोजगारोंन्मुखी दृष्टि का विकास।

 समाजोपयोगी कार्यक्रमों का संचालन।

 भारतीय परम्परागत कलाओं के अस्तित्व का संरक्षण।

 आधुनिक कलाओं का परिचय।

(ख) गतिविधियाॅ’-

 वागवानी

 गोपालन

 पाककला

 हस्तकला

 मिट्टी के खिलौने

 मिठाई के डिब्बे

 चाक निर्माण

 टाट् फट्टी निर्माण

 उत्तम प्रदर्षन वस्तु (षो-पीस)

 व्यर्थ वस्तुओं से उपयोगी वस्तुओं का निर्माण

 औषधि निर्माण

 सजावट सामग्री निर्माण

 पेपर क्राफ्ट

 रांगोली

 चित्रकलाॅ पुष्पकला

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