शारीरिक षिक्षा, योग एवं आत्मरक्षा गतिविधियों

 बिन्दु क्रमांक - 06 शारीरिक षिक्षा, योग एवं आत्मरक्षा गतिविधियों

स्वस्थ्य शरीर से ही स्वस्थ्य मष्तिस्क का निर्माण होता है। अतः संस्कृत विद्यालय के विद्यार्थियों को शारीरिक षिक्षा अनिवार्य किये जाने की अनुषंसा की जाती है। संस्कृत साहित्य में योग की षिक्षा एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। आज समस्त विष्व योग की षिक्षा के महत्व को स्वीकार कर रहा है। इसी प्रकार छात्राओं के लिये आत्मरक्षा गतिविधि के रूप में मार्सल आर्ट सिखाई जाने को प्राथमिकता दी जा रही है। उपरोक्त क्रियाएं करने हेतु निम्नानुसार व्यवस्थायें अनुषंसित की गयी है।

(1) उद्देष्य -

 शारीरिक स्रौष्ठव एवं स्वस्थ शरीर के प्रति जागरूकता का निर्माण।

 योगिक क्रियाओं से एकाग्रता, मानसिक एवं आध्यात्मिक सुदृढता का विकास।

 भयमुक्तता के साथ आत्मविष्वास का भावनिर्माण।

(2) गतिविधियाँ -

शारीरिक व्यायाम

 क्रीडा-खो-खो, कबड्डी, एथलेटिक्स, रिंगवाल, फुटबाल, हाॅकी, क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, गोलाफेक,भालाफेक

 मलखम्भ

 योगचाप

 पिरामिड

 अग्निचक्र

- सूक्ष्म एव स्थूल व्यायाम (सन्धि योग)

- सूर्यनमस्कार

- चन्द्रनमस्कार

- योगासर- ताडासन, पद्मासन, उत्तानपादासन, नौकासन, वज्रासन, वृक्षासन, भुजंगासन, त्रिकोणासन, धनुरासन, सर्वांगासन, प्राणायाम - अनुलोम, विलोम (प्राणायाम), भ्रामरी प्राणायाम, नाडी शोधन प्राणायाम, आत्मरक्षण गतिविधियाॅं - ताइक्वांडो, जूडोकराटे, मार्षल आर्ट

(3) सहभागिता एवं क्रियान्वयन -

 समस्त विद्यार्थियों, षिक्षकों एवं प्रषिक्षकों की सहभागिता

 उपरोक्त गतिविधियों का प्रषिक्षण एवं अभ्यास

 उपरोक्त गतिविधि आधारित प्रतियोगिताओं का आयोजन

 आत्मरक्षण सम्बन्धी षिविरों का आयोजन

 योग प्रयोगषाला/दीर्घकक्ष, योगभेट

 खेल प्रांगण एवं अन्य उपरोक्त क्रीडा सम्बन्धी एवं व्यायाम सम्बन्धी समस्त उपकरणों एवं सामग्री की आवष्यकता

(5) परिणाम -

 विद्यार्थी शारीरिक एवं मानसिक दृष्टि से सुदृढ होंगे जो भावी राष्ट्र निर्माण में सहायक होंगे।

 क्रीडा एवं योग से उर्जा का सही दिषा में उचित निर्धारण होगा जिससे विद्यार्थी तनावमुक्त होगा।

(6) शारीरिक एवं आत्मरक्षा प्रषिक्षण -

 स्वरक्षा संबंधी कलायें (जूडो, कराटे) सिखाने का कार्य भी किया जा सकता है।

 छात्रावास में निवास करने वाले विद्यार्थियों को बागवानी का प्रषिक्षण एवं प्रयोग आवष्यक रूप से किया जाए। इस हेतु प्रत्येक विद्यार्थी की सहभागिता निष्चित की जाए विद्यार्थियों में स्थान उपलब्ध होने की स्थिति में अनिवार्य रूप से किचिन गार्डन बनाये। हार्टीकल्चर से (जहां किचिन गार्डन/बागवानी हेतु पेड़-पौधें उपलब्ध होते है।)

 विद्यार्थियों को स्वच्छता, स्वास्थ्य, संतुलित आहर, जीवन षिक्षा, गृह षिक्षा एवं स्थानीय ललित कलाओं का भी प्रषिक्षण विषय विषेषज्ञों द्वारा कराया जाये।

(7) बालिकाओं की सुरक्षा व्यवस्था

 आवासीय स्थल पर वार्डन, षिक्षक सह सहायक वार्डन अनिवार्यतः रात्रिकालिन विश्राम करेंगे, तथा विद्यार्थियों के साथ रहेंगे।

 प्रत्येक विद्यार्थी का फोटो परिचय पत्र बनवाया जायेगा। परिचय पत्र में बालिका का नाम, ग्राम का नाम, उम्र, माता - पिता का नाम, शाला का नाम, कक्षा, विद्यालय का नाम पता दर्ज होगा। परिचय पत्र प्रत्येक नवीन विद्यार्थी के लिए बनवाया जाएगा।

 आवासीय संस्कृत विद्यालय के छात्रावास भवन में बाहरी व्यक्ति का प्रवेष वर्जित होगा। वार्डन एवं सहायक वार्डन की अनुमति से ही कोई व्यक्ति प्रातः 8.00 से 9.00 बजे एवं सायं 5.00 से 6.00 बजे के मध्य प्रवेष कर सकेगा।

 भवन में प्रवेष करने से पूर्व संबंधित की आगन्तुक रजिस्टर में प्रविष्टि की जायेगी। वह आने जाने का समय अंकित करेगा व यह भी लेख करेगा कि किससे एवं क्यों मिलने आया/आयी है ? रजिस्टर में प्रविष्टि करवाने का दायित्व चैकीदार का होगा। यह नियम वार्डन एवं सहायक वार्डन के परिवार वाले लोगो के लिए भी लागू होगा।

 शाला जाने के समय तथा शाला से आने के बाद विद्यार्थियों की हाजरी ली जायेगी।

 चैकीदार को भवन के बाहर रहकर अपने दायित्वों का वहन करना होगा। केवल भाजन हेतु बरामदे तक आ सकेगा। 

 नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

 आवासीय स्थल व शौचालय अथवा पेयजल व्यवस्था के मध्य दूरी नहीं हों तथा आवासीय स्थल पर ही यह व्यवस्थायें सुनिष्चित की जाये।

 स्थानीय स्तर पर पालक-षिक्षक संघ को विद्यार्थियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनषील वनाया जाये तथा शाला प्रबंधन समिति (ैडब्) के सदस्य समय≤ पर आवासीय स्थल पर जाकर सुरक्षा व्यवस्थाओं को देंखेगें।

 आवासीय संस्कृत विद्यालय एवं छात्रावास स्थल की जानकारी निकटस्थ थाने को उपलब्ध कराई जायेगी।

 आवासीय स्थल पर पुलिस विभाग को रात्रिकालीन गष्त करने हेतु सूचित किया जायेगा।

(8) विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था -

 आवासीय संस्कृत विद्यालय के छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण की नियमित व्यवस्था की जावेगी।

 विद्यार्थियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण आवष्यक रूप से किया जाये। यदि विद्यार्थियों में किसी भी प्रकार के त्वचा रोग दिखायी देते है। तो तत्काल निकट के डाॅक्टर से उपचार करवायें। हेल्थ कार्ड का संधारण एवं षिविर आयोजित किए जाए। हेल्थ कार्ड ए.एन.एम. से प्राप्त किया जा सकता है।

 शारीरिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्ष्ण एवं परामर्ष किया जाए एवं उसके अभिलेख संधारित किए जाए।


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